Short Information: Bihar Machli Palan Yojana 2026 बिहार में मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत कई मत्स्यिकी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। विभाग ने अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग-अलग नोटिस जारी करते हुए इच्छुक लाभुकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इन योजनाओं का लाभ अनुसूचित जाति/जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग के मत्स्य कृषकों के साथ-साथ सामान्य वर्ग के किसानों को भी मिलेगा। योजना के तहत तालाब निर्माण, बोरिंग/सबमर्सिबल/ट्यूबवेल/सोलर पंपसेट की स्थापना, मत्स्य इनपुट शेड, यांत्रिक रेटर, चौर विकास, प्रशिक्षण और मत्स्य प्रजाति विविधीकरण जैसी गतिविधियों के लिए सब्सिडी दी जाएगी। इच्छुक मतसय किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नीचे सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी, इकाई लागत, अनुदान प्रतिशत, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया दी गई है।
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभागBihar Machli Palan Yojana 2026 |
Bihar Machli Palan Yojana 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
| राज्य | बिहार |
| विभाग | डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग |
| योजना वर्ष | 2026-27 |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| आवेदन शुरू | 23 सितंबर 2026 |
| मुख्य योजनाएं | 4 |
| लाभ | अनुदान/सब्सिडी, नि:शुल्क प्रशिक्षण, चौर विकास, मत्स्य प्रजाति विविधीकरण |
| अनुदान दर | योजना अनुसार 40% से 80% तक |
| अंतिम तिथि | स्रोत में उपलब्ध नहीं |
| Official Website | https://fisheries.bihar.gov.in/ |
Bihar Machli Palan 2026 कौन-कौन सी योजनाएं खुली हैं?
विभाग ने निम्नलिखित चार प्रमुख योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू किए हैं:
- विशेष घटक पैकेज योजना 2026-27 — अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के मत्स्य कृषकों के लिए
- मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना 2026-27 — मछली पालकों एवं मछुआरों को नि:शुल्क प्रशिक्षण
- मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 — निजी चौर भूमि का मत्स्य आधारित समेकित विकास
- मत्स्य प्रजाति का विविधकरण योजना 2026-27 — माइनर कार्प, कैटफिश, झींगा एवं मोती पालन के लिए सहायता
Bihar Machli Palan Yojana 2026 : विशेष घटक पैकेज योजना 2026-27
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के मत्स्य कृषकों को विशेष पैकेज सहायता प्रदान करना है। इसके तहत तालाब निर्माण, बोरिंग पंपसेट/सबमर्सिबल/ट्यूबवेल/सोलर पंपसेट की स्थापना, मत्स्य इनपुट शेड का निर्माण, यांत्रिक रेटर आदि सहायक इकाइयों को एक साथ “पैकेज सहायता” दी जाती है।
योजना के दो उपघटक हैं:
1. तालाब मत्स्यिकी विशेष सहायता योजना
| विवरण | जानकारी |
| इकाई लागत | ₹5.27 लाख प्रति यूनिट |
| यूनिट | 0.4 एकड़ जलक्षेत्र |
| अनुदान | अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 70% |
2. पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन योजना
| विवरण | जानकारी |
| इकाई लागत | ₹10.34 लाख प्रति यूनिट |
| यूनिट | 0.4 एकड़ |
| अनुदान | 80% (विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभुकों के लिए) |
मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना 2026-27
इस योजना का उद्देश्य राज्य के मत्स्य कृषकों को नवीनतम मत्स्यिकी एवं मत्स्य पालन तकनीक का प्रशिक्षण देकर उत्पादन और उनकी वार्षिक आय में वृद्धि करना है।
मुख्य बातें:
- प्रशिक्षण पूर्णतः नि:शुल्क है। निबंधन शुल्क के अतिरिक्त कोई राशि नहीं ली जाती।
- प्रशिक्षण राज्य के भीतर और राज्य के बाहर स्थित प्रतिष्ठित मत्स्यिकी संस्थानों में दिया जाएगा।
- राज्य के बाहर के प्रशिक्षण संस्थानों में जाने-आने का मार्ग व्यय देय होगा।
- राज्य के भीतर के प्रशिक्षण संस्थानों/केंद्रों के लिए मार्ग व्यय की अनुमन्यता नहीं होगी।
यह योजना राज्य के मत्स्य कृषकों और मछुआरों के लिए है।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर उपलब्ध निजी चौर भूमि को मत्स्य आधारित समेकित जलकृषि के लिए विकसित करना है। इससे अब तक अव्यवहृत पड़े चौर संसाधनों में मछली पालन के साथ-साथ कृषि, बागवानी एवं कृषि वानिकी को जोड़कर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी।
योजना के तहत तीन मॉडल उपलब्ध हैं:
| मॉडल | इकाई लागत | अनुदान |
| एक हेक्टेयर रकबा में दो तालाब का निर्माण | ₹8.88 लाख प्रति हेक्टेयर | सभी वर्ग के लाभुकों को 50%; उद्यमी आधारित चौर विकास में 40% |
| एक हेक्टेयर रकबा में चार तालाब का निर्माण | ₹7.32 लाख प्रति हेक्टेयर | उपरोक्त अनुसार |
| एक हेक्टेयर रकबा में एक तालाब का निर्माण एवं भूमि विकास | ₹9.69 लाख प्रति हेक्टेयर | उपरोक्त अनुसार |
क्रियान्वयन: योजना के तहत “लाभुक आधारित चौर विकास” एवं “उद्यमी आधारित चौर विकास” दोनों तरीकों से कार्य किया जाएगा।
मत्स्य प्रजाति का विविधकरण योजना 2026-27
यह योजना मछली पालकों को पारंपरिक कार्प के अलावा उच्च मूल्य वाली प्रजातियों की ओर प्रोत्साहित करती है। इकाई लागत, अनुदान प्रतिशत और सरकारी अनुदान राशि निम्नलिखित है:
माइनर कार्प पालन
| विवरण | जानकारी |
| इकाई लागत | ₹94,000 |
| अनुदान प्रतिशत | 60% |
| सरकारी अनुदान राशि | ₹56,400 |
कैटफिश एवं अन्य प्रजाति पालन
| विवरण | जानकारी |
| इकाई लागत | ₹1,35,000 |
| अनुदान प्रतिशत | 60% |
| सरकारी अनुदान राशि | ₹81,000 |
झींगा पालन
| विवरण | जानकारी |
| इकाई लागत | ₹1,10,000 |
| अनुदान प्रतिशत | 60% |
| सरकारी अनुदान राशि | ₹66,000 |
मोती पालन
| विवरण | जानकारी |
| इकाई लागत | ₹2,24,600 |
| अनुदान प्रतिशत | 60% |
| सरकारी अनुदान राशि | ₹1,34,760 |
आवश्यक दस्तावेज : Bihar Machli Palan Yojana 2026
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- निर्माण प्रमाण पत्र
- भूमि का कागजात (खतियान, रसीद पट्टा)
- बैंक पासबुक (DBT हेतु)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- योजना के अनुसार अन्य आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें : Bihar Machli Palan Yojana 2026
बिहार मछली पालन योजना 2026 के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इन चरणों का पालन करें:
- विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

- संबंधित योजना के आवेदन लिंक पर क्लिक करें।

- नए पेज पर अपना रजिस्ट्रेशन करें।

- रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें।
- लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें।
आवेदन करने से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक अधिसूचना अवश्य पढ़ें, क्योंकि पात्रता और दस्तावेजों की शर्तें योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
बिहार के मछली पालकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
बिहार में बड़ी संख्या में लोग अंतर्देशीय मत्स्यिकी और जलकृषि पर निर्भर हैं। वर्ष 2026-27 की ये योजनाएं न केवल सीधी वित्तीय सहायता देती हैं, बल्कि प्रशिक्षण और झींगा व मोती जैसी उच्च मूल्य प्रजातियों की ओर विविधीकरण पर भी जोर देती हैं। चौर विकास योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर पड़ी चौर भूमि उत्पादक उपयोग में आएगी और कृषि व बागवानी के साथ मछली पालन को जोड़ा जा सकेगा।
अनुसूचित जाति/जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए 80% तक की उच्च सब्सिडी उन्हें संगठित मछली पालन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं, इसलिए पात्र किसान देर न करें और जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कर आवेदन पूरा करें।
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Important Link Bihar Machli Palan Yojana 2026
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FAQs for Bihar Machli Palan Yojana 2026
Q1. कौन-कौन सी योजनाएं शुरू हैं?
विशेष घटक पैकेज योजना 2026-27
मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना 2026-27
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026
मत्स्य प्रजाति का विविधकरण योजना 2026-27
Q2. आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें, लॉगिन ID और पासवर्ड लें, फिर आवेदन फॉर्म भरें।
Q3. कितना अनुदान मिलेगा?
विशेष घटक पैकेज: SC/ST को 70%–80%
चौर विकास: 40%–50%
प्रजाति विविधीकरण: 60%
Q4. प्रशिक्षण के लिए शुल्क देना होगा?
नहीं, मत्स्य प्रशिक्षण नि:शुल्क है। राज्य के बाहर प्रशिक्षण पर मार्ग व्यय देय; राज्य के अंदर नहीं।
Q5. कौन आवेदन कर सकता है?
योजना अनुसार। विशेष घटक में SC/ST एवं अति पिछड़ा वर्ग; प्रशिक्षण में मत्स्य कृषक/मछुआरे।
Q6. कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
आधार कार्ड, निर्माण प्रमाण पत्र, भूमि कागजात, बैंक पासबुक, फोटो, मोबाइल नंबर व योजना अनुसार अन्य दस्तावेज।
Q7. अंतिम तिथि क्या है?
उपलब्ध स्रोत में अंतिम तिथि नहीं दी गई है। आधिकारिक नोटिस/वेबसाइट देखें।
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